Tuesday, 10 February 2026

Conspiracies 

Reminiscences from my diary

Feb 11, 2026
Wednesday 0130 IST 
Murugeshpalya, Bangalore


एक बूँद में कैद समंदर का खारा
करे जतन मेघदूत 
मुस्कराये मछलियाँ 
गुलमोहर टूटे  
पसर जाए बहुत सारा लाल 
क्षितिज पार 
गले में हिचकी अधमरी हूक 
और जुगनू  
कमरे में बंद आसमान 
कैलेंडर से झड़ती तारीखें 
दूब हरी 
राह गुमसुम 
दरवाज़े के की-होल में गड़ी आँख 
जंगल में आग 
धीमे-धीमे जलता दिन 
धीमे-धीमे सुलगती रात 

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